निर्णायक टेस्ट आज से: भारत के पास ऑस्ट्रेलिया से लगातार तीसरी टेस्ट सीरीज जीतने का मौका, ब्रिस्बेन में 32 साल से हारे नहीं कंगारू

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डिजिटल डेस्क, ब्रिस्बेन। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 टेस्ट मैचों की सीरीज का अंतिम और निर्णायक मुकाबला आज से ब्रिस्बेन में खेला जाएगा। सीरीज में दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। ऐसे में सिडनी टेस्ट बचाने में कामयाब रही टीम इंडिया के पास ऑस्ट्रेलिया से लगातार तीसरी टेस्ट सीरीज जीतने का मौका है। लेकिन, भारतीय टीम के सामने गाबा की जीवंत पिच पर चुनौती कड़ी होगी। ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड ब्रिस्बेन में शानदार है। कंगारू टीम यहां पिछले 32 साल से कोई भी टेस्ट मैच नहीं हारी है।

वहीं ऑस्ट्रेलिया को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने के लिए जीत की जरूरत है, लेकिन भारत यदि मैच ड्रॉ भी करा लेता है तो ट्रॉफी उसी के पास रहेगी। दोनों टीमें चौथे और आखिरी टेस्ट के लिए ब्रिस्बेन पहुंच चुकी हैं। ब्रिस्बेन में चौथा टेस्ट शुक्रवार से भारतीय समयानुसार सुबह 5.30 बजे से खेला जाएगा।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने जहां एडिलेड में पहला टेस्ट जीता था वहीं भारत ने मेलबर्न में दूसरा टेस्ट अपने नाम किया था, जबकि सिडनी टेस्ट ड्रॉ के साथ खत्म हुआ। अब ऑस्ट्रेलिया को सीरीज जीतने के लिए आखिरी टेस्ट जीतना जरूरी है जबकि भारत अगर मुकाबला ड्रॉ भी करता है तो ट्रॉफी पर उसका कब्जा बरकरार रहेगा क्योंकि 2018-19 में पिछली सीरीज उसी ने जीती थी।

2017-2018 में कंगरुओं को उन्हीं की धरती पर दी थी शिकस्त
भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को फरवरी 2017 और दिसंबर 2018 में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में शिकस्त दी थी। विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 2018 में इतिहास रचा था और पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में टेस्ट सीरीज में शिकस्त दी थी। अब इस टीम को नए दशक के पहले टेस्ट में ऐसे मैदान पर खेलना है, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम 32 साल से नहीं हारी है। टीम में जडेजा या बुमराह नहीं हैं और विकेट काफी कठिन है। वहीं मयंक अग्रवाल नेट अभ्यास के दौरान चोटिल हो गए और अश्विन कमर के दर्द से जूझ रहे हैं।

ब्रिस्बेन में 32 साल से अजेय ऑस्ट्रेलिया
बात करें ब्रिस्बेन में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत की तो वह साल 1931 में हुई थी। मेजबान ऑस्ट्रेलिया 32 साल से ब्रिस्बेन में कोई टेस्ट नहीं हारी है। पिछली बार उसे ब्रिस्बेन में नवंबर 1988 में वेस्टइंडीज ने 9 विकेट से हराया था। उसके बाद से अब तक ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन में 31 टेस्ट खेले, जिसमें से 24 जीते और 7 ड्रॉ रहे। भारत ने इस मैदान पर अपना पहला टेस्ट 1947 में खेला था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने पारी और 226 रन से जीत हासिल की थी। भारत ने इसके बाद 1968, 1977, 1991 में भी ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना किया। हालांकि  दिसंबर 2003 में उसने यहां पर ड्रॉ खेला था। इसके बाद 2014 में भी ऑस्ट्रेलिया ने भारत को चार विकेट से पराजित किया था।भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर अब तक 6 टेस्ट खेले, जिसमें से 5 हारे और एक ड्रॉ कराया है। भारत ने यहां पिछला मैच दिसंबर 2017 में खेला था, जिसमें ऑस्ट्रेलिया 4 विकेट से जीता था।

9 भारतीय खिलाड़ी चोटिल, 6 सीरीज से बाहर
सीरीज के निर्णायक मुकाबले से पहले इंज्युरी ने टीम इंडिया की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऑस्ट्रेलिया टूर पर अब तक 9 खिलाड़ी इंजर्ड हो चुके हैं। इनमें मोहम्मद शमी, उमेश यादव, लोकेश राहुल, हनुमा विहारी, रविंद्र जडेजा, ऋषभ पंत, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह और मयंक अग्रवाल शामिल हैं। इनमें से 6 प्लेयर बुमराह, विहारी, जडेजा, राहुल, शमी और उमेश सीरीज से बाहर हो चुके हैं।

रहाणे, रोहित और शुभमन पर रहेगा बल्लेबाजी का दारोमदार
रहाणे सीरीज के टॉप भारतीय स्कोरर हैं। रोहित के जुड़ने से टीम को मजबूती मिली है। ओपनिंग में शुभमन गिल भी रोहित का साथ बखूबी निभा रहे हैं। मुश्किलों में घिरी भारतीय टीम की बल्लेबाजी का दारोमदार इन तीनों बल्लेबाजों के कंधों पर ही रहेगा।

अश्विन के खेलने पर सस्पेंस, बुमराह की जगह शार्दूल को मौका मिल सकता है
गेंदबाजी में पूरा दारोमदार मोहम्मद सिराज, नवदीप सैनी पर होगा। चोटिल जसप्रीत बुमराह की जगह शार्दूल ठाकुर को मौका मिल सकता है। वहीं, स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के खेलने पर भी सस्पेंस है। ऐसे में उनकी जगह कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है।

टीमें इस प्रकार हैं – 
भारत:
अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, ऋद्धिमान साहा, ऋषभ पंत, रविचंद्रन अश्विन, नवदीप सैनी, मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, टी नटराजन, वॉशिंगटन सुंदर 

ऑस्ट्रेलिया: टिम पेन (कप्तान), डेविड वॉर्नर, मार्कस हैरिस, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, मैथ्यू वेड, कैमरन ग्रीन, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, नाथन लियोन और जोश हेजलवुड
 

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