साइंस एंड टेक पेटेंट: 28 साल से शीर्ष पर आइबीएम

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सुजैन डेकर (ब्लूमबर्ग)

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्वांटम कम्प्यूटर्स और ऑटोनमस वाहन वे क्षेत्र हैं, जो तकनीक के क्षेत्र में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं। बीचे पांच सालों के दौरान जारी यूएस पेटेंट के एक ताजा अध्ययन के मुताबिक अक्सर अमरीकी कंपनियां इन क्षेत्रों में आगे रहती हैं। फेयरव्यू रिसर्च की आइएफआइ क्लेम्स पेटेंट सर्विसिस के विश्लेषण के अनुसार इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (आइबीएम) ने मशीन लर्निंग और क्वांटम कम्प्यूटर्स के क्षेत्र में सबसे ज्यादा पेटेंट हासिल किए हैं, जबकि फोर्ड मोटर वाहन नेविगेशन और नियंत्रण प्रणाली के क्षेत्रों में सर्वाधिक सक्रिय है।

यूएस पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस ने बीते साल 3,52,013 पेटेंट जारी किए थे और यह आंकड़े एक फीसदी गिरावट के साथ थे, जिसकी वजह कोरोनावायरस महामारी के चलते कामकाज के तौर-तरीकों में आए बदलाव को माना जा सकता है। यह मानना है आइएफआइ क्लेम्स के सीईओ माइक बेक्रॉफ्ट का। आइबीएम ने लगातार 28वें साल 9,130 पेटेंट हासिल कर पेटेंट हासिल करने वालों की सूची में शीर्ष पर जगह बनाई है, जबकि दक्षिण कोरिया की सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स बीते वष जारी नए पेटेंट की सूची में 6,415 पेटेंट के साथ दूसरे स्थान पर रही। सबसे तेजी से बढऩे वाले 10 क्षेत्रों की सूची में आइबीएम क्वांटम कम्प्यूटर्स, मशीन लर्निंग और मानव मस्तिष्क की प्रणाली की नकल करने वाले न्यूरल नेटवर्क का इस्तेमाल कर विकसित की जाने वाली कम्प्यूटर प्रणाली के क्षेत्रों में सबसे ऊपर रहा। अल्फाबेट की गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने भी इन तीन क्षेत्रों के पेटेंट हासिल करने वाले शीर्ष पांच संगठनों में जगह बनाई।

आइबीएम रिसर्च की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) कैथरीन गुआरिनी ने कहा, ‘हम उन्हीं क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जहां हमें लगता है कि भविष्य में आइबीएम प्रतिस्पर्धा में अग्रणी रह सकता है। इस तरह क्लाउड, एआइ और क्वांटम ऐसी तीन तकनीकें हैं, जो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के केंद्र में हैं। कैथरीन ने कहा कि आरमोंक, न्यूयार्क स्थित आइबीएम ने अपने कारोबार के सभी क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को समेकित किया है। इसका एक नया पेटेंट कस्टमर सर्विस से संपर्क साधने पर ग्राहक की बातचीत के लहजे को एआइ के जरिए समझने को लेकर है। यह महज एक उदाहरण है और ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन की उस रिपोर्ट का समर्थन करता है जो बताती है कि एआइ संभवत: तमाम उच्च वेतनमान वाले जॉब को पूरी तरह बदल देगा। हमारी उम्मीद और हमारी मंशा यही है कि एआइ की मदद से हमारी कार्यकुशलता बढ़े और हमारी उत्पादकता में सुुधार हो। इसी तरह क्वांटम कम्प्यूटर, डेटा प्रसंस्करण के लिए सबएटोमिक पार्टिकल की गतिशीलता का इस्तेमाल करते हैं और आधुनिक कम्प्यूटर भी इसमें सक्षम नहीं हैं। क्वांटम कम्प्यूटर ऐसे नए रास्ते सुझा सकते हैं जिन पर चलकर दवा और कृषि संबंधी रसायन निर्माता कंपनियां नए यौगिकों को खोज सकती हैं और वित्तीय सेवाओं से संबंधित कंपनियां एन्क्रिप्शन में सुधार ला सकती हैं।

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